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शहीद भगत सिंह सांध्य महाविद्यालय

SHAHEED BHAGAT SINGH EVENING COLLEGE

दिल्ली विश्वविद्यालय | UNIVERSITY OF DELHI

ACCREDITED BY NAAC WITH GRADE 'A' (CGPA 3.36)

Anukriti Hindi Sahitya Parishad

अनुकृति हिंदी साहित्य परिषद्

परिचय

अनुकृति हिंदी साहित्य परिषद् जिसकी स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी, शहीद भगत सिंह सांध्य महाविद्यालय की हिंदी सृजनात्मक लेखन समिति है। इसका उद्देश्य छात्रों की सृजनात्मक शक्ति को पहचानना और उसे कुशल कौशल में परिवर्तित करना है।

हम कविता लेखन, भाषण, और अन्य साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों की संचार कौशल को निखारते हैं और मंच पर आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।

हमारा मोटो है: “सर्वश्रेष्ठ नहीं, उत्तम”, जो हमें बेहतर बनने की प्रेरणा देता है।

प्रभारी: अभिषेक सिंह
हिंदी विभाग, शहीद भगत सिंह सांध्य महाविद्यालय

अनुकृति हिंदी साहित्य परिषद्, शहीद भगत सिंह सांध्य महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक सक्रिय साहित्यिक संस्था है। परिषद् की संरचना लोकतांत्रिक पद्धति पर आधारित है, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, समन्वयक तथा सलाहकार जैसे पद सम्मिलित हैं।

परिषद् के नियमित कार्यक्रमों में प्रत्येक सप्ताह तीन सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें सदस्यों को भाषा, साहित्य और अभिव्यक्ति से संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इन सत्रों में कविता लेखन, भाषण कला, मंच संचालन, आलोचनात्मक लेखन तथा सृजनात्मक अभिव्यक्ति का अभ्यास कराया जाता है।

वरिष्ठ सदस्यों और शिक्षकों के मार्गदर्शन में यह सत्र विद्यार्थियों की रचनात्मकता को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और साहित्यिक दृष्टि विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। इसके अतिरिक्त परिषद् “क्षितिज”, “प्रभास”, “अमोघ” और “उद्गार” जैसे वार्षिक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य, भाषा एवं अभिव्यक्ति से जोड़ने का कार्य निरंतर करती है।

परिषद् का उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, वक्तृत्व कौशल और साहित्यिक अभिरुचि का विकास करते हुए हिंदी के प्रति गर्व और आत्मीयता की भावना को प्रबल बनाना है।

अनुकृति हिंदी साहित्य परिषद्, हिंदी विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक सृजनात्मक एवं साहित्यिक समाज है। यह परिषद् हिंदी विभाग के मार्गदर्शन, निर्देशन और संरक्षण में कार्य करती है तथा विभागीय शिक्षकों की देखरेख में अपने समस्त कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं का संचालन करती है। परिषद् का उद्देश्य हिंदी विभाग की शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि को छात्रों के सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से महाविद्यालय स्तर पर विस्तार देना है, ताकि विद्यार्थियों में साहित्यिक अभिव्यक्ति, भाषाई संवेदनशीलता और हिंदी के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके।

1. “क्षितिज” संगोष्ठी, श्रुत लेखन और अंतर-महाविद्यालय कविता वाचन प्रतियोगिता:
विवरण: इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर 14 सितंबर 2025 को महाविद्यालय परिसर में किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. पूरन चंद टंडन ने अपना वक्तव्य साझा किया। कविता वाचन और श्रुत-लेखन प्रतियोगिता में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया और अपनी रचनात्मक एवं काव्य शैली का प्रदर्शन किया।
योगदान: इस संगोष्ठी और प्रतियोगिता ने छात्रों की लेखन क्षमता को विकसित किया, उन्हें साहित्यिक मंच प्रदान किया, और हिंदी साहित्य के प्रति उनकी समझ को गहरा किया।
प्रो. मोहन जी

2. “प्रभास 2.0” — ऑनलाइन हिंदी कविता प्रतियोगिता:
विवरण: पहली “प्रभास” प्रतियोगिता की अपार सफलता के बाद इसे पुनः आयोजित किया गया, जिसमें पहले से भी अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति को अनुकृति के मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिससे उनकी लेखन क्षमता को नई दिशा मिली।
योगदान: इस संस्करण ने व्यापक स्तर पर छात्र सहभागिता को प्रोत्साहित किया, उनकी सृजनात्मकता को नए आयाम दिए और हिंदी साहित्यिक समुदाय को और अधिक सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाया।

3. “अमोघ 2.0” — हिंदी भाषण प्रतियोगिता:
विवरण: पहले संस्करण की सफलता के बाद, 21 फरवरी 2025 को अमोघ हिंदी भाषण प्रतियोगिता का पुनः आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस मंच ने प्रतिभागियों को अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
योगदान: इस संस्करण ने छात्रों की सार्वजनिक वक्तृत्व कला को और अधिक निखारा, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया और हिंदी भाषा में प्रवाहपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित किया।

4. “उद्गार” — संगोष्ठी कार्यक्रम:
2 अप्रैल 2025 को आयोजित उद्गार संगोष्ठी कार्यक्रम न केवल एक संगोष्ठी था, बल्कि यह विचार, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता के एक व्यापक मंच के रूप में उपस्थित हुआ। कार्यक्रम में शामिल सभी श्रोताओं, प्रतिभागियों और निर्णायकों ने इसे अत्यंत विचारोत्तेजक, भावनाप्रवण और साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध अनुभव बताया।

संगोष्ठी के विषय “लोक साहित्य में राम” के माध्यम से लोक संस्कृति में रामकथा की गूंज, जनमानस की स्मृतियों में राम की उपस्थिति तथा लोकभाषाओं में राम के विविध रूपों पर विमर्श हुआ। मुख्य वक्ता श्री विशाल पाण्डेय जी ने भोजपुरी लोककथाओं में राम के स्वरूप और उसके सामाजिक, सांस्कृतिक प्रभावों पर गहन चर्चा की, जो छात्रों और साहित्यप्रेमियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही।

अनुकृति हिंदी साहित्य परिषद् ने सत्र 2024–25 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कीं, जिनसे न केवल परिषद् का गौरव बढ़ा, बल्कि महाविद्यालय का नाम भी प्रतिष्ठित हुआ।

  • सत्यवती महाविद्यालय द्वारा आयोजित स्वरचित कविता वाचन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • गलगोटिया विश्वविद्यालय में आयोजित कलााम-ए-ताहिर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹5000 का पुरस्कार अर्जित किया।
  • Quill कारी – Bilingual Creative Writing Competition में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
  • श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित कविता वाचन प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
  • “शहीदों को सलाम” कविता वाचन प्रतियोगिता में रचनात्मक प्रस्तुति के लिए सम्मान प्राप्त किया।
  • नेपाल–भारत अंतरराष्ट्रीय अंतर्विषयक सांस्कृतिक संगोष्ठी एवं काव्यपाठ में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
  • युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित Viksit Bharat Youth Parliament में द्वितीय चरण तक स्थान सुनिश्चित किया।
  • महाविद्यालय द्वारा आयोजित टैलेंट हंट प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।